इस पहले भाग को पढ़ते हुए कभी आपको हंसी आएगी, कभी आँख नम हो जायेगी….. और कई बार मेरे हाथ थामे मेरे बचपन से गुजरते हुए ऐसा लगेगा जैसे दिल में कुछ नरम पिघल रहा है।