दीवान नाहर सिंह को पुरानी ऐतिहासिक महत्त्व की चीजें एकत्र करने का शौक था । अपने इस अभूतपूर्व कलेक्शन की नुमायश के वास्ते वो अनेक सुरक्षा इंतजामों के बीच अक्सर बड़ी-बड़ी पार्टियां देता था । लेकिन उसके तमाम इंतजाम धरे-के-धरे रह गए जब एक रोज ऐसी ही पार्टी के बाद एक बुद्ध की मूर्ति गायब पाई गई ।